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Sunday, September 19, 2021

वाराणसी में राजघाट पुल के पास बनेगा एक और पुल, ऊपर से सड़क तो नीचे से रेलवे लाइन गुजरेगी #Realviewnews

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रियल व्यू न्यूज, वाराणसी ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा पर एक और पुल का तोहफा जल्द मिलेगा। यह पुल ऐतिहासिक राजघाट पुल के बगल से गुजरेगा। इसकी चौड़ाई व लंबाई राजघाट पुल की तर्ज पर ही होगी। फोरलेन के साथ 70 मीटर चौड़ाई वाला गंगा में यह नया पुल होगा। ऊपर से सड़क तो नीचे से रेलवे लाइन गुजरेगी। पुल का निर्माण अभी डीपीआर स्तर पर है। अधिकारियों के अनुसार योजना पर कुल दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।

वाराणसी में राजघाट पुल के पास बनेगा एक और पुल, ऊपर से सड़क तो नीचे से रेलवे लाइन गुजरेगी #Realviewnews

वाराणसी-पीडीडीयू नगर के बीच दोहरीकरण किया जा रहा है। इसके लिए नई रेल लाइन बिछाई जा रही है। यह रेल लाइन गुड्स गाड़ियों के संचालन की होगी। अधिकारियों के अनुसार, कैंट रेलवे स्टेशन पर उत्तर, पूर्वोत्तर, पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे समेत अन्य जोन की ट्रेनों के आवागमन के चलते गुड्स ट्रेनों को कई घंटे तक शहर के बाहरी इलाकों के स्टेशन पर रोके रहना पड़ता है। भविष्य में ट्रेनों के दबाव को कम करने के लिए उत्तर रेलवे ने नई रेल लाइन की मंजूरी दी है।
राजघाट पुल की मियाद हो चुकी पूरी
इस पुल का निर्माण ब्रिटिश काल में 1887 में हुआ था। उस समय पूरे एशिया में यह अपनी तरह का पहला पुल था। पहले इसका नाम डफरिन ब्रिज था। जिसे आजादी के बाद नाम बदल कर मालवीय सेतु किया गया। बनारस के लोग इसे राजघाट पुल के नाम से पुकारते हैं। यह पुल कई बार जर्जर हुआ और कई बार इसकी मरम्मत की गई। लेकिन उचित देखभाल की कमी से हमेश यह खतरा बना रहता है कि कभी कोई बड़ा हादसा न हो जाए। पहले यह केवल रेलवे के आवागमन के लिए था। बाद में इसे पैदल व मालवाहकों के लिए खोला गया।
राजघाट पुल के बगल में एक पुल प्रस्तावित है। इसका निर्माण रेलवे और एनएचएआई को मिलकर करना है। अभी यह डीपीआर स्तर पर है। जल्द ही आगे की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू होगा। -एसबी सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई

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