25.6 C
Delhi
Saturday, September 18, 2021

नही रहें, हाँकी के शहंशाह, शेर-ए-गाजीपुर तेजबहादुर सिंह #Realviewnews

जरूर पढ़े

वैश्विक स्तर पर भारत की सफलता के नये शिल्पकार #Realviewnews

सात वर्ष के ऐतिहासिक कालखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की सफलता और साख के...

धूम धाम से मना संत कीनाराम का जन्मोत्सव #Realviewnews

प्रसाद के साथ था भन्डारे का आयोजन डोभी, जौनपुर । अघोराचार्य संत कीनाराम का 422वां जन्मोत्सव डोभी क्षेत्र के हरिहरपुर...

डोभी : अमृत महोत्सव के रूप में मना 75 वां स्वतंत्रता दिवस #Realviewnews

रियल व्यू न्यूज के समस्त पाठकों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ! रिपोर्ट - वारीन्द्र पाण्डेय  डोभी, जौनपुर ।...

हाकी के जुनून ने सपनों को लगाया पंख

रिपोर्ट – वारीन्द्र पाण्डेय

सैदपुर, गाजीपुर । बचपन से हाकी के खेल को जुनून की हद तक प्यार करने वाले,  हाकी के शहंशाह, शेरे-ए -गाजीपुर तेजबहादुर उर्फ तेजू सिंह करोना संक्रमण से झूझते हुए शुक्रवार को बीएचयू में जीवन की जंग हार गये । गाजीपुर के पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह के बड़े भाई तेजू सिंह ने अपना खुद का स्टेडियम व हाकी एकेडमी अपने पैतृक गांव करमपुर में स्थापित किया था । जहां पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, स्व.अमर सिंह, अखिलेश यादव समेत फिल्म एवं खेल की दर्जनों हस्तियां समय समय पर आती रही । गांव में हाकी के जुनून को पंख लगाते हुए इन्होंने अपने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित कर खेल जगत में अपना लोहा मनवा दिया । कोराना महामारी के दूसरे चरण ने हाकी के द्रोणाचार्य तेजू सिंह को अपने चपेट में ले लीया था । फेफड़े में संक्रमण बढ़ने के चलते उनके निधन की खबर मिलते ही उनके चाहनेवालों एवं हाकी के खिलाड़ियों में शोक की लहर दौड़ गयी । बताते चलें कि पंजाब के संसारपुर के बाद हाकी की दुनिया में करमपुर का नाम अत्यंत ही सम्मान से लिया जाता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जनपद के सैदपुर तहसील स्थित करमपुर गांव की पहचान अब हाकी वाले करमपुर से होती है। हाकी की जुड़ी तमाम उपलब्धियों में अब एस्ट्रोटर्फ की उपलब्धता जहां उसे खेल जगत में मर्यादित करती है, वहीं खिलाड़ियों के लिए बेहतर संसाधन और तकनीक भी उपलब्ध कराती है । देश की गिनेचुने स्टेडियमों में ही एस्टोटर्फ की सुविधा है, जिसमें उत्तर प्रदेश में लखनऊ, बरेली, सैफई, रामपुर और वाराणसी के स्टेडियम शामिल है।
हाकी की दुनिया में यह उपलब्धि हासिल करने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। बिना किसी सरकारी सहायता के लंबे अर्से तक अपने एकल प्रयास से हाकी के गोल पोस्ट ठकठकाते करमपुर के खिलाड़ियों को सारा संसाधान वहीं के तेजबहादुर सिंह उर्फ तेजू भइया ने जुटाया था । लगभग तीन दशक पहले करमपुर के उसरीले मैदान में छ: फुट का नौजवान पगड़ी बांधे, धोती की कछनी खींचे कुछ लड़कों के साथ जब हाथी और गेंद लेकर मैदान में दौड़ता था तो लोग हंसते थे। अपने जुनून से तेजबहादुर सिंह ने करमपुर में सिर्फ हाकी की नर्सरी ही नही सजाई, बल्कि हाकी की ऐसी पौध लगाई, जिसकी खुशबू देश के परिधि में आ-जा रही है। हाकी के बल पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी कर रहे यहां के नौजवान वहां की स्थानीय टीम में हाकी खेल रहे हैं।

लगभग दो दशक के हाकी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित कराने वाले तेजबहादुर सिंह 67 वर्ष की उम्र में भी कोरोना संक्रमण से पूर्व तक सुबह-शाम खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास में शामिल होते थे । खिलाड़ियों में भइया के नाम से जाने वाले तेजबहादुर सिंह के अनुज पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने भी इस महत्वाकांक्षी योजना में उनका सहयोग दिया था । करमपुर स्टेडियम के खिलाड़ी विनोद सिंह, शशिकांत राजभर, प्रमोद सिंह, अनिल राजभर, जमीला बानों ने इंटरनेशनल मैचों में सक्रिय प्रतिभाग लिया । वहीं  मेघबरन स्टेडियम के खिलाड़ी ललित उपाध्याय एवं राजकुमार पाल देश की  सीनियर हॉकी टीम के सदस्य हैं । उत्तम सिंह एवं राहुल राजभर देश की जूनियर टीम के लिए हॉकी खेलते हैं। इसके अलावा सैकड़ों महिला-पुरुष खिलाड़ी इस स्टेडियम से हॉकी का ककहरा सीखते हुए विभिन्न विभागों में चयनित हो गए हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

पॉपुलर

शिक्षा को अवसर में बदलने की चुनौती #Realviewnews

रीयल व्यू न्यूज ।  (शिक्षक दिवस पर आमंत्रित लेख)   लेख - अनिल यादव ( मैनेजमेंट गुरु )   लंबे अरसे के बाद आई...

अन्य

- Advertisement -

खबरे आज की

More Articles Like This